► दानामेथी और करेला डाइबीटीज की रामबाण दवा हैं। इनका रोज उपयोग करें। दानामेथी रोज १८/२४ घंटे पानी में, जहां तक संभव हो सके मिट्टी के बर्तन में भिगोयें। दूसरे दिन सुबह नाश्ते के पहले या बाद में दानामेथी का पानी पी लें। दानामेथी अंकुरित कर सलाद में या नमक, नींबू लगाकर भी खा सकते हैं। सूखी दानामेथी या इसका चूरा लेने पर गर्मी कर सकती है।
► भोजन में स्वाद बढ़ाने वाली चीजें जैसे मिर्च, प्याज, लहसुन, खटाई इत्यादि का प्रयोग कम से कम करें, हो सके तो छोड़ दें।
► रोज शाम निवृत्त हो जाने के बाद, दिनभर में अपने पुरूषार्थ से किये काम- काजों की सफलता अथवा असफलता प्रभु को समर्पित कर, निश्चिंत होकर, जल्दी सोंये ताकि सुबह भोर में उठ सकें ।।
► प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व अवश्य उठें। उठने का समय 5 बजे के आस-पास रहे।
► टहलते समय नाक से लम्बी- लम्बी सांसें लो तथा यह भावना करो कि टहलने से आप अपने स्वास्थ्य को संवार रहे हैं।
► सूर्योदय से पूर्व शीतल जल से स्नान करें। इससे शरीर को बल मिलता है व पाचन उत्तम बनता है।
► आटा मोटा पिसवाया जाए व ग्रीष्म )तु में जौ तथा वर्षा तथा शीत )तु में चना मिलवाकर पिसवाए।
► जितना सम्भव हो जीवित आहार लें। अधिक तला भुना पदार्थ व जंक फूड मृत आहारों की श्रेणी में आते हैं।
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